थानाप्रभारी की दबंगई थाने में

सहरसा, बिहार/राकेश रंजनः बिहार पुलिस के डीजीपी साहब बारंबार हर बार और लगातार पुलिस वालों से पीपुल्स फ्रेंडली बनने की बात कहते है। लेकिन पुलिस वाले है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। राजधानी पटना के बाहर हालात ये है सहरसा जैसे सुदूर जिलो में थाना प्रभारी खुद को तानाशाह और जनता को अपना गुलाम मानकर बात बेबात गालीगलौज और मारपीट करने से बाज नहीं आ रहे है। इसी का नतीजा है कि आम आदमी थानों और पुलिस वालों से दूरी बनाकर रहता है। गलती से अगर किसी मामले में फस भी गया तो क्या हालत होते है इसका उदहारण सहरसा के सदर थाना में सुशील कुमार को झेलना पड़ा। कुछ लोगो द्वारा मारपीट कर घायल कर दिए जाने के बाद जब परिजनों संग वो सदर थाने मामला दर्ज कराने पहुचे तो थानाध्यक्ष संजय सिंह ने पहले तो उनका मामला दर्ज करने से मना किया फिर जब संजय और उनके परिजनों ने चिरौरी की तो एसएचओ उग्र हो गए और गालीगलौज करते हुए पूरी बदतमीजी से संजय को धक्का देकर थाने से बाहर निकाल दिया। पहले से ही घायल और फिर सुशासन की पीपुल्स फ्रेडी पुलिस की प्रताड़ना से टूटे सुशील छलछलाती आँखों से अपनी किस्मत को रोते रहे।

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