पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में बताया कि हम ऐसे करेंगे कलाम का सपना पूरा

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सपने को पूरा करने के लिए देश को टेक्नोलॉजी में रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है. पीएम ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान रविवार को कहा, “हम कलाम के सपने को केवल तभी पूरा कर सकते हैं, जब नई पीढ़ी दैनिक जीवन में इस्तेमाल आने वाली टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में काम करे.” उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी समय-समय पर बदलती रहती है. आप इसे स्थिर नहीं रख सकते. अगली शताब्दी टेक्नोलॉजी की है, इसलिए हमें रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. ऐसे में केंद्र सरकार ने ‘अटल नवाचार मिशन’ की शुरुआत की है, जिससे नवाचार, प्रयोग और उद्यमशीलता के लिए पारिस्थितिकी का निर्माण होगा.” मोदी ने कहा कि सरकार ने अटल नवाचार मिशन के लिए प्रयोगशालाओं तथा क्रियान्वयन केंद्रों के निर्माण के लिए अलग से राशि आवंटित की है. सरकार स्कूलों में प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये आवंटित करेगी. सरकार को स्कूलों में प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए 13,000 आवेदन मिले हैं. हमने मौजूदा प्रयोगशालाओं को मजबूती प्रदान करने तथा नया क्रियान्वयन केंद्र बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की है. प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में रियो ओलंपिक में भारत की भागीदारी, आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह, हालिया दक्षिण अफ्रीका यात्रा और संसद के वनरोपण के लिए 40,000 करोड़ रुपए की निधि जारी कराने वाला एक विधेयक पारित करने समेत अन्य विषयों पर भी विचार रखे. 35 मिनट के प्रसारण में मोदी ने बच्चों की जन्म के समय मृत्यु के मामलों पर रोकथाम की जरूरत पर भी बात की. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल हर महीने की 9 तारीख को नि:शुल्क जांच करेंगे, जिसका गरीब गर्भवती महिलाओं को लाभ उठाना चाहिए. उन्होंने सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करने वाले महिला डॉक्टरों से एक दिन इस उद्देश्य के लिए निकालने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसे लाखों डॉक्टरों की जरूरत होगी. देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करने वाली बाढ़ पर मोदी ने कहा, ‘कुछ समय पहले हम सूखे को लेकर चिंतित थे, लेकिन अब बारिश का आनंद उठा रहे हैं और बाढ़ के बारे में भी खबरें हैं. राज्य सरकारें और केंद्र बाढ़ प्रभावित जनता की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं और मिलकर काम कर रहे हैं.’ अपनी दक्षिण अफ्रीका की यात्रा का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि यह उनके लिए ‘तीर्थयात्रा’ की तरह थी, जहां वह उन स्थानों पर गए और उस ट्रेन से सफर किया जिसका नाता महात्मा गांधी से रहा है.

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