ईनामी कुख्यात त्रिभुवन एके 47 के संग गिरफ्तार

पटना, बिहार/शिवशंकर लालः बिहार के सीवान में कुख्यात अपराधी त्रिभुवन तिवारी को एसआईटी की टीम ने शुक्रवार की देर रात मैरवा के गुठनी थाने के खरखरिया गांव में एसआईटी ने छापेमारी कर 50 हजार के इनामी अपराधी त्रिभुवन तिवारी को एके 47 के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ एक अन्य सहयोगी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से ऑटोमैटिक पिस्टल की बरामदगी हुई है। पुलिस ने एके 47 की 13 व पिस्टल की 7 गोलियां भी बरामद की है। इनामी अपराधी त्रिभुवन तिवारी जीरादेई के गांधु छापर गांव का रहने वाला है। पुलिस को विश्वस्त सूत्रो से सूचना मिली कि कुख्यात त्रिभुवन गुठनी के खरखरिया गांव में किसी अपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इसपर एसपी सौरभ कुमार शाह ने छापेमारी के लिए टीम गठित की।एएसपी अरविन्द कुमार गुप्ता, एसआईटी के सब इंस्पेक्टर आशीष कुमार मिश्रा, रामएकबाल प्रसाद, महादेवा ओपी प्रभारी शम्भुनाथ सिंह, मैरवा थानाध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में छापेमारी हुई। जहां से दोनों अपराधी गिरफ्तार किए गए। त्रिभुवन तिवारी पर सीवान, गोपालगंज, मोतिहारी एवं यूपी के देवरिया जिले में एक दर्जन से भी अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे दिनों से पुलिस को तलाश थी। 6 माह पहले ही एसपी की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने उसपर 50 हजार के इनाम की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि त्रिभुवन तिवारी का भाई कुख्यात राका तिवारी वर्ष 2009 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। बड़े भाई राका तिवारी को पुलिस ने वर्ष 2009 में गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में मुठभेड़ में मार गिराया था। वहां से पुलिस ने एके 47 बरामद की थी। राका तिवारी पर भी सीवान व गोपालगंज में 2 दर्जन से अधिक अपराधिक मामले दर्ज थे। बड़े भाई के मारे जाने के बाद छोटे भाई ने अपराध की दुनिया में अपना पांव जमा लिया। इस साल हुए पंचायत चुनाव में इनामी अपराधी त्रिभुवन तिवारी अपनी पत्नी पुष्पा देवी को बीडीसी चुनाव लड़ा कर जितवाने में कामयाब रहा। इसके बाद जीरादेई प्रखंड के कई बीडीसी सदस्यों को डरा-धमका कर अपने पक्ष में कर लिया व पत्नी को जीरादेई का प्रमुख बनवा लिया है।

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