कृषिमंत्री ने जापानी इन्सेफलाइटिस से बचाव सम्बन्धी कार्यशाला का किया शुभारम्भ

गोंडा, युपी/मयूर रैतानीः गन्दगी ही बीमारियों की जड़ है। गन्दगी और दूषित जल के प्रयोग के कारण ही प्रतिवर्ष लाखों लोग असमय ही गम्भीर बीमारियों से ग्रसित होकर असमय मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। इसलिए वे सब गांव के जन-जन को स्वच्छता एवं जापानी इन्सेफलाइटिस जैसी गम्भीर बीमारी से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक करें जिससे उनका अमूल्य जीवन बचाया सके। यह बातें प्रदेश के कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पण्डित सिंह ने जिला पंचायत सभागार में जापानी इन्सेफलाइटिस(जे0ई0) व एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिन्ड्रोम से बचाव के सम्बन्ध में आयोजित छः दिवसीय कायगर््शाला का दीप प्रज्ज्वलित करने के उपरान्त अपने सम्बोधन में कही। कार्यशाला का शुभारम्भ करने के पश्चात कृषिमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जन-जन के स्वास्थ्य के प्रति गम्भीर है। इसके लिए सरकार द्वारा पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। उन्होने कहा कि ‘‘स्वच्छ गोण्डा-स्वस्थ गोण्डा’’ उनका लक्ष्य है। उन्होने कार्यशाला में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचाारियों एवं जनसामान्य का आहवान करते हुए कहा कि गोण्डा को जापानी इन्सेफलाइटिस जैसी गम्भीर बीमारी के चपेट में आने से बचाना है। इसके लिए बड़े पैमाने पर गांवों व नगर क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाएगा और जरूरत वाले स्थानों पर दवाओं आदि का छिड़काव कराया जाएगा। इस अवसर पर डीएम आशुतोष निरंजन ने जन सामान्य से अपील करते हुए कहा कि वे सब दूषित जल न पिएं, जलभराव वाले स्थानों पर क्लोरीन या मिट्टी के तेल का छिड़काव करें। उन्होने इस सम्बन्ध में नगर क्षेत्र में नगर पालिका परिषद के अधिकारियों एवं ग्रामीण क्षेत्र में ग्र्राम स्वास्थ्य समिति को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि ग्राम स्वच्छता समिति की जिम्मेदारी है कि वे समिति के फण्ड से गांव में फागिंग कराएं एवं जलभराव वाले स्थानों पर क्लोरीन आदि का छिड़काव कराएं तथा लोगों को इस गम्भीर बीमारी के बारे में जागरूक करें। मुख्य विकास अधिकारी जयन्त कुमार दीक्षित ने अपने सम्बोधन में कहा कि बरसात के मौसम में मच्छरों का प्राकोप बढ़ जाता है इसलिए सभी लोगों प्रयास करें कि फुल कपड़े पहनें, नाखून छोटे-छोटे रक्खें और अपने घरों के आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान स्वयं भी रखें जिससे मच्छर न पनपने पावें और जापानी इन्सेफलाइटिस जैसी खतरनाक बीमारी की सम्भावनाओं को कम किया जा सके। उन्होने कार्यशाला में आए हुए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा वे जापानी इन्सेफलाइटिस से बचाव के बारे में जन-जन को जागरूक करने का काम करें। इसके अलावा कार्यशाला में पेयजल गुणवत्ता मिशन के सलाहकार विमल कुमार, डीपीआरओ आर0एस0 चाौधरी व एसीएमओ डा0 राकेश अग्रवाल ने जापानी इन्सेफलाइटिस से बचाव के बारे में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को टिप्स बताए। कार्यक्रम का संचालन डीडीओ यशवन्त सिंह ने किया। कार्यक्रम के उपरान्त कृषिमंत्री, डीएम व सीडीओ ने जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षण वी0के0 दूबे, डीपीओ मनोज कुमार राव, डीसी मनरेगा मृणाल सिंह, खण्ड विकास अध्किाकारीगण, सीडीपीओ, पंचायत सचिवगण, प्रभारी चिकित्साधिकारीगण उपस्थित रहे।

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