जैसलमेर के बाद अब चित्तौड़गढ़ में मुक्त कराए गए बाल श्रमिक

चित्तौगढ़, राजस्थान/नगर संवाददाताः मानव तस्करी रोधी यूनिट के साथ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जैसलमेर के बाद अब चित्तौड़गढ़ में भी बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया गया. जैसलमेर में जहां सात बच्चों को मुक्त कराया गया था वहीं चित्तौड़गढ़ से विभिन्न होटलों से 4 बच्चों को मुक्त कराया गया है. बाल कल्याण समिति ने अब चारों बच्चों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. मुक्त कराए गए चार बाल श्रमिकों मे से तीन उदयपुर जिले के रहने वाले है और एक बालक चित्तौड़गढ़ जिले का ही निवासी है. बाल कल्याण समिति ने सभी बालकों को उनके परिजनों को सुपुर्द करने के साथ ही परिजनों को पाबंद किया है वे बालकों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने के साथ ही बालकों के 8 दिन में बाल कल्याण समिति के रिपोर्ट करें. वहीं रेलवे पुलिस ने एक गुमशुदा बालक को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया है. बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ.सुशीला लड्ढा ने बताया रेलवे पुलिस द्वारा बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किए गया बालक लखनऊ के बाराबंकी का रहने वाला हिमांशु है. प्रारंभिक पूछताछ मे सामने आया है कि बालक हिमांशु रोजाना अपने पिता के साथ ट्रेन से विद्यालय पढ़ने जाता था. लेकिन एक दिन पिता साथ नहीं थे और हिमांशु अकेला भूलवश गलत ट्रेन मे बैठ गया. और ट्रेन चित्तौड़गढ़ पहुंची तो हिमांशु का पता चला कि वह गलत ट्रेन मे बैठकर आ गया है. इधर, रेलवे पुलिस ने हिमांशु को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया है. हिमांशु के परिजनों का पता लगाने के लिए बाल कल्याण समिति ने प्रयास शुरू कर दिए हैं.

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