सीआरपीएफ के घायल जवान तड़पते रहे, नहीं पहुंचा हेलिकॉप्‍टर

गया, बिहार/नगर संवाददाताः बिहार के गया में हुए नक्सली हमले में राज्य की पुलिस पर समय पर मदद न करने का गंभीर आरोप लगा है. हमले में घायल जवानों को सही समय पर इलाज की सुविधा न मिल पाने की वजह से सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवानों में आक्रोश है. घटना के बाद से एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सीआरपीएफ के जवानों का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला है. जानकारी के मुताबिक कोबरा जवानों ने औरंगाबाद जिला प्रशासन को भला-बुरा कहा और अपनी भड़ास भी निकाली. सीआरपीएफ के जवान मिली सहायता से वीडियो में साफ तौर पर नाराज दिख रहे हैं. जवानों ने औरंगाबाद के एसपी बाबू राम को भी भला-बुरा कहा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जवानों का आरोप है कि लैंड माइंस विस्फोट में फंसने के बाद उन्हें मदद काफी देर से मिली. हमले में घायल और शहीद हुए जवानों के साथियों का यह भी आरोप है कि घटनास्थल से चार किलोमीटर दूर सोंदाहा स्कूल में एक घायल जवान 25 घंटे तक इलाज के लिए तड़पता रहा. वीडियो में जवान साफ तौर पर कहते दिख रहा है कि जब हमें जरूरत थी तो हेलिकॉप्टर नहीं आया और अब डेड बॉडी लेने आया है. सीआरपीएफ के गुस्साए जवानों ने आरोप लगाया है कि दो घायल जवानों की मौत देर से मदद मिलने की वजह से हो गई. यहां तक कि उन्हें पानी भी समय पर नहीं मिला. जानकारी के मुताबिक सीआरपीएफ के शहीद जवानों के शव को घटनास्थल से काफी देर बाद उठाया गया. उनके मुताबिक हेलिकॉप्टर समय से नहीं भेजा गया. यदि हेलीकॉप्टर समय से आया होता तो जवानों की जान बच सकती थी. रेस्क्यू टीम खुद ही डर रही थी और इस कारण पूरी जांच पड़ताल में समय गंवाया गया. प्रशासनिक व्यवस्था से क्षुब्ध जवानों ने सिस्टम को बुरा-भला कहते हुए अपनी भड़ास निकाली. मालूम हो कि गया-औरंगाबाद सीमा पर हुए इस हमले में सीआरपीएफ के दस जवान शहीद हो गए थे.

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