आप विधायकों की सुनवाई 21 जुलाई तक स्थगित

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः चुनाव आयोग ने आज ‘लाभ के पद’ के एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के 21 विधायकों की अयोग्यता की मांग वाली याचिका पर इन विधायकों की सुनवाई 21 जुलाई तक स्थगित कर दी. दिल्ली सरकार द्वारा आप विधायकों को संसदीय सचिव बनाने को लेकर वकील प्रशांत पटेल द्वारा दायर याचिका पर आज सुनवाई होनी थी. याचिकाकर्ता का दावा है कि संसदीय सचिव का पद ‘लाभ के पद’ के तहत आता है.आप सूत्रों ने दावा किया कि कांग्रेस और भाजपा द्वारा इस मामले में पक्ष बनने की इच्छा जाहिर करने के बाद सुनवाई स्थगित की गई क्योंकि इसके लिए कुछ दस्तावेजों की जरुरत है. अगली सुनवाई 21 जुलाई को होनी है. आप ने दावा किया कि इस याचिका के पीछे भाजपा और कांग्रेस हैं और वे उसके विधायकों को अयोग्य ठहराना चाहते हैं क्योंकि वे पिछले साल विधानसभा चुनावों में अपनी हार का ‘‘बदला” लेना चाहते हैं. आप के राजौरी गार्डन विधायक जरनैल सिंह ने कहा, ‘‘लाभ के पद से जुडी याचिका पर कार्यवाही आज शुरु हुई. कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूर्व विधि मंत्री सलमान खुर्शीद ने किया और भाजपा की तरफ से भी एक वकील थे .”  उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे इस रुख को सही ठहराता है कि भाजपा और कांग्रेस इस याचिका के पीछे हैं. हमें आशा है कि चुनाव आयोग अपनी अच्छी समझ का प्रयोग करेगा और उसी के अनुसार फैसला देगा क्योंकि अन्य राज्यों में भी संसदीय सचिव हैं.” याचिका के बाद, आयोग ने पिछले महीने आप विधायकों को नोटिस जारी किये थे. अपने जवाब में विधायकों ने कहा है कि पद से किसी भी तरह का ‘‘मौद्रिक लाभ” जुडा हुआ नहीं है और इससे कोई शक्ति भी नहीं आती है. उन्हांेने अपने जवाब में आयोग के सामने निजी सुनवाई की भी मांग की थी. दिल्ली की आप सरकार ने अपने मंत्रियों की मदद के लिए 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी.

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