राजस्थान में उच्च शिक्षा का स्तर हुआ ऊंचा

अलीगढ़, युपी/संजीव सैनीः एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि एएमयू केन्द्रीय विश्वविद्यालय है। इसलिए इसे अल्पसंख्यक स्वरुप देने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं बीते दिनों केन्द्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार के बाद नाराजगी की चर्चाओं को सिरे से खारिज किया। राज्यपाल कल्याण सिंह शनिवार को एक निजी समारोह में शामिल होने के लिए अलीगढ़ आए हुए थे। मैरिस रोड स्थित राजपैलेस में पत्रकारवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि एएमयू को केन्द्र से पर्याप्त मदद मिलती है। ऐसे में इस शिक्षण संस्थान को अल्पसंख्यक स्वरुप देने का कोई औचित्य नहीं बनता। राज्यपाल ने कहा कि यूपी का मुख्यमंत्री कौन होगा। यह पार्टी तय करेगी। यूपी में एक से एक बढ़िया चेहरा है और सबसे अच्छा चेहरा है भाजपा का। जिसमें एक से एक योग्य और कुशल नेतृत्व देने वाले हैं। वहीं पार्टी का जो भी फैसला होगा। वह मंजूर होगा। बीते दिनों केन्द्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार किए जाने में कल्याण सिंह के बेटे एटा सांसद राजवीर सिंह राजू को जगह नहीं मिल पाई। इसको लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरु हो गया था। जिसमें कल्याण सिंह और राजू के भाजपा से नाराजगी की चर्चा थी। राज्यपाल कल्याण सिंह ने इन चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि न हम नाराज हैं न राजू नाराज हैं। राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि मथुरा जवाहर बाग कांड में प्रदेश सरकार में बैठे एक मंत्री का नाम आ रहा है। इसके संरक्षण में सब हुआ। बाकी जांच के बाद साफ हो जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि जवाहर बाग में आरएसएस द्वारा प्रशिक्षण दिए जाने का बयानबाजी करना गलत है। राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि राजस्थान में उच्च शिक्षा का स्तर ऊंचा हुआ है। 1990 से रुकी हुई 32 लाख डिग्री बांटी गई। प्रोफेसर की हाजिरी बायोमीट्रिक सिस्टम से लग रही है। वहीं छात्र-छात्राओं की हाजिरी 75 प्रतिशत होना अनिवार्य किया जा चुका है। वहीं सबसे बड़ी बात अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा दीक्षांत समारोह में गाउन पहने जाने का चलन समाप्त किया गया। अब विद्यार्थी भारतीय वेशभूषा और राजस्थानी साफा पहनते हैं। राजस्थान भारत का पहला ऐसा राज्य है। जहां यह बदलाव किया गया।

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