मुआवजा नहीं मिलने पर किसान परिवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी

टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः टिहरी झील प्रभावित तिवाड़ गांव का एक किसान परिवार भवन के प्रतिकरण की मांग को लेकर करीब एक साल से पुर्नवास निदेशालय और जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं.पीड़ित परिवार ने अब कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है. टिहरी झील से सटे तिवाड़ गांव के लोगों को पुर्नवास निदेशालय द्वारा लॉटरी के माध्यम से भूमि आवंटन की जा चुकी है लेकिन कई किसानों को अभी तक भवन का प्रतिकर नहीं मिला है. किसान भवन के प्रतिकर की मांग को लेकर करीब एक साल से पुर्नवास निदेशालय और जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है और आज तक उन्हें प्रतिकर नहीं मिला. पीड़ित ग्रामीण बलवीर सिंह का कहना है कि भवन प्रतिकर की मांग को लेकर वो पिछले एक साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहा है आज तक प्रतिकर नहीं मिला. शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर किसान परिवार अपनी गिरफ्तारी देने नई टिहरी क्लेक्ट्रेट पहुंचा लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई जिससे आक्रोशित परिवार ने अपनी मांगे पूरी नहीं होने पर 11 जुलाई को कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दी है. पीड़ित बलवरी सिंह का कहना है कि पिछले एक साल से प्रतिकर की मांग को लेकर पुर्नवास निदेशालय द्वारा उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है.

Share This Post

Post Comment