मथुरा के जवाहरबाग कांड की सीबीआई जांच पर फैसला 14 जुलाई तक स्थगित

मथुरा, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मथुरा में पिछले महीने एक सार्वजनिक पार्क से अतिक्रमणकारियों को निकाले जाने के दौरान हुई हिंसा से जुड़े घटनाक्रमों की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई आज 14 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी. याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति रवींद्र नाथ कक्कड़ की खंडपीठ के समक्ष दलील दी कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जनवरी 2014 में 200 लोगों के एक समूह को दो दिन के लिए मथुरा के जवाहरबाग में एक प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी. उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने दो साल से अधिक समय तक सार्वजनिक पार्क पर अवैध तरीके से कब्जा रखा. इस बीच उनकी संख्या कई गुना बढ़ गयी और उन्होंने जवाहर बाग में अंदर अवैध तरीके से बनाई गयी झोपड़ियों में बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस और रोजमर्रा की जरूरत का सामान जमा कर लिया.’’ उपाध्याय ने कहा कि उच्च न्यायालय के बार-बार निर्देशों और चेतावनियों के बाद ही प्रदर्शनकारियों को वहां से निकालने का काम शुरू हुआ. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये सारी बातें साबित करती हैं कि अतिक्रमण करने वाले लोगों को सत्ता तथा राज्य प्रशासन में बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त था.’’

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