निजी शिक्षक संस्थानो मे बिक रही किताबें

जैसलमेर, राजस्थान/खीयारामः रातड़िया गांव सहित ग्रामीण अंचलो मे संचालित कई निजी शिक्षक संस्थानो के संचालको की मनमानी के कारण इन निजी संस्थानो मे सरकारी नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। उसका खामियाजा पढाई करने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को भुगतना पड रहा है। विभागीय अधिकारीयो को इस आशय की पूर्ण जानकारी होने के बावजूद किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कई निजी शिक्षण सस्थानो के द्वारा अपने यहां अध्ययन करने वाले विधार्थीयो को किताबे, काॅपीयो के अलावा स्कूल यूनीफार्म तक अपनी ओर से ही उपलब्ध करवाकर चाँदी काट रहे है। कई जगहों पर तो संचालक अपनी चिन्हित दुकानों पर अभिभावकों को भेजकर अपने विधालय की सामग्री वहां से खरीदने पर बाध्य करते है तो कई जगहों पर स्कूल मे दाखिला लेने वाले बच्चों के अभिभावकों से सम्पूर्ण राशि एक साथ ही काट रहे है। याद रहे कि विगत दिनों राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर निजी शिक्षण सस्थानो के द्वारा अभिभावकों पर डाले जा रहे बोझ को दूर करने का प्रयास किया गया था। जिसके तहत निजी शिक्षण संस्थानो मे पढ़ने वाले छात्र छात्राओं से निर्धारित फीस लेने के निर्देश दिये थे। लेकिन कई शिक्षण सँस्थानो ने आज भी निर्धारित दर से ज्यादा शुल्क वसूला जा रहा है। कई शिक्षण संस्थानो मे वहां से ही स्कूली पोशाक, नोटबुक व अन्य शिक्षण सामग्री दी जाती है, जो कि बाजार मूल्य से अधिक है तो कई सामग्री इनके अलावा बाजार मे मिलती भी नहीं है।

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