प्रशिक्षण पाने वालों को मिलेगा स्टाइपेंड, सरकार ने दी मंजूरी

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,000 करोड़ रपए की राष्ट्रीय प्रशिक्षुता (अप्रेंटस्शिप) प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दे कर 2019-20 तक 50 लाख प्रशिक्षुओं को तरह-तरह के काम का प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला किया गया.  इस योजना का कार्यान्वयन कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के अधीन आने वाला प्रशिक्षण महानिदेशालय करेगा. पहली बार कोई ऐसी योजना डिजाइन की गई है जिसके तहत प्रशिक्षुओं को शामिल करने के लिए नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन की पेशकश की जाएगी. इसके तहत मूल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर होने वाले कुल खर्च का आधा हिस्से लिए सरकार मदद करेगी. सरकारी बयान के अनुसार किसी प्रशिक्षु को दिए जाने वाले कुल भत्ते (स्टाइपेंड) का 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी सरकार सीधे तौर पर नियोक्ता के साथ करेगी. बयान में उम्मीद जताई गई है कि यह योजना देश में समूचे प्रशिक्षुता परिदृश्य को बदल कर रख देगी. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार का ध्यान रोजगार सृजन तथा कौशल विकास पर है. उन्होंने कहा कि 17 मोबाइल फोन विनिर्माता कंपनियों ने अपने फोन भारत में बनाने शुरू किए हैं. उल्लेखनीय है कि अप्रेंटस्शिप प्रशिक्षण को देश में कुशल श्रमबल के विकास के लिए सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है

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