पैसों से भरा बैग देख कर भी नहीं डोली आरपीएफ इंस्पेक्टर की नीयत

समस्तीपुर, बिहार/नगर संवाददाताः रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा करने वाली आरपीएफ ने सेवा के साथ ईमानदारी की मिसाल पेश की है. मामला समस्तीपुर आरपीएफ से जुड़ा है, जहां एक अधिकारी ने न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि सामाजिक जिम्मेवारी का भी बखूबी निर्वहन किया. आरपीएफ के एक इंस्पेक्टर ने ट्रेन में छूटे 51 हजार रुपए नकद और शादी के कपड़ों से भरे बैग को उसके असली हकदार तक पहुंचाने के लिए जी तोड़ कोशिश की और उसके ठिकाने का पता लगा इलाहाबाद के शंकरगढ़ निवासी गरीब परिवार के हवाले कर दिया. उक्त परिवार अपनी बेटी की शादी के लिए गोंदिया एक्सप्रेस से रुपए और कपड़े लेकर इलाहाबाद के शंकरगढ़ जा रहा था. वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 11 जून को राम अयोध्या अपनी बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपए और सामान लेकर 15232 गोंदिया बरौनी से छतीसगढ़ के रायपुर में सवार हुए. 12 जून को इलाहाबाद के शंकरगढ़ स्टेशन पर वो अपने गांव जाने के लिए उतर गए. उस दौरान 51 हजार रुपए से भरा बैग ट्रैन में ही छूट गया. 13 जून को समस्तीपुर में चेकिंग के दौरान आरपीएफ के इंस्पेक्टर नाथू राम मांझी को उक्त बैग ट्रैन में लावारिस हालात में होने की सूचना मिली. उन्होंने बैग को सर्च करवाने के बाद जब खोला तो उसमें कपड़े के अलावा 51 हजार रुपए मिले लेकिन उन्होंने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए उस बैग से मिले आधार कार्ड पर यात्री की खोज खबर लेनी शुरू की. उन्होंंने रायपुर के अपने आरपीएफ मित्र के सहारे आधार कार्ड के पते पर रायपुर में संपर्क साधा जिसके बाद वो बैग और नकद राशि परिवार को सौंप दी गई.

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