आरक्षण प्रताड़ित हो रहे विशेष समाज का हक

बिलासपुर, छत्तीसगढ़/नगर संवाददाताः छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से आरक्षण की मांग को लेकर तमाम समाज ने एकजुट होकर बड़ा प्रदर्शन किया है. रविवार को एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यम समुदाय ने संयुक्त मोर्चा के बैनर से आरक्षण बचाओ महारैली निकालकर ताकत दिखाई है. इस मंच में तमाम आदिवासी नेताओ के अलावा बड़ी संख्या में सरकारी तंत्र में शामिल अधिकारी भी शामिल रहे. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व सांसद सोहन पोटाई, पूर्व सीएस सरजियस मिंज, पूर्व आईएएस अरविंद नेताम जैसे चेहरे शामिल रहे. मंच से हुंकार भरते तमाम नेताओं ने समाज के संवेधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का ‌आव्हान किया. अजीत जोगी ने कहा कि आरक्षण कोई भीख नहीं यह सालों से प्रताड़ित हो रहे शोषित समाज का हक है. इनके अधिकारों को लिए वे हर स्तर की लड़ाई के तैयार होने का दावा किया है. वहीं संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने पदोन्नति में पूर्व के जैसे भांति आरक्षण देने, एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के न्यायाधीशों को दुर्भावनावश की गई कार्रवाई से बहाल करने, आउट सोर्सिंग बंद करने, छत्तीसगढ़ के भोले भाले आदिवासियों को नक्सली कहकर मारना बंद करने समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है. आरक्षण की मांग के साथ ही एक बार तमाम आदिवासी नेता एक मंच पर दिखे. भाजप से बगावत करने वाले सोहन पोटाई हो या फिर कांग्रेस से बगावत कर अपनी नई पार्टी बना चुके अजीत जोगी. इस आंदोलन के कई मायने निकाले जा रहे है.

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