प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 से 11 जुलाई तक चार अफ्रीकी देशों की यात्रा पर

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार देशों की पांच दिवसीय यात्रा सात जुलाई से शुरू हो रही है, जिसमें वह मोजांबिक, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया और केन्या जाएंगे. इस यात्रा का मकसद संसाधनों की प्रचुरता वाले अफ्रीकी महादेश के साथ भारत के संबंधों को और गहरा बनाना है जहां चीन अपना प्रभाव बढ़ा रहा है. प्रधानमंत्री की यात्रा ऐसे समय में होने जा रही है जब हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अफ्रीकी देशों की यात्रा की थी जिसका मकसद इन देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बनाना एवं नई जान फूंकना था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, “इस यात्रा से शीर्ष राजनीतिक स्तर पर करीबी सम्पर्क बढ़ाने और आपसी सहयोग एवं साझा हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझ बेहतर करने में मदद मिलेगी.” अफ्रीका के साथ भारत का कारोबार अभी 75 अरब डॉलर है और भारत ने पिछले चार सालों में वहां विकास एवं क्षमता निर्माण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 7.4 अरब डालर का अनुदान दिया. भारत ने इस अवधि में 41 अफ्रीकी देशों में करीब 140 परियोजनाओं को लागू किया. प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का पहला पड़ाव मोजांबिक होगा, जहां वे सात जुलाई को राष्ट्रपति नाइयूसी के साथ द्विपक्षीय संबंधों एवं सहयोग को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा करेंगे. यात्रा के दूसरे चरण में पीएम मोदी 8 और 9 जुलाई को दक्षिण अफ्रीका पहुंचेंगे जहां वे राष्ट्रपति जैकब जुमा और एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करेंगे. स्वरूप ने बताया कि प्रधानमंत्री के जोहांसबर्ग, पीटरमारित्जबर्ग और डरबन जाने की उम्मीद है. दक्षिण अफ्रीका उन कुछ देशों में शामिल था जिसे परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता को लेकर कुछ आपत्तियां थी. भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि दोनों ब्रिक्स (ब्राजील-रूस, भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका, त्रिपक्षीय समूह आईबीएसएस भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, जी-20 और बेसिक ब्लॉक- ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत और चीन) जैसे बहुस्तरीय मंचों पर करीबी संपर्क बनाकर काम करते हैं. स्वरूप ने कहा कि 10 जुलाई को प्रधानमंत्री की तंजानिया के राष्ट्रपति जान प्रोम्बे जोसेफ मंगुफुली के साथ बैठक होगी जहां वे आपसी सहयोग बढ़ाने और साझा हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझ बेहतर बनाने पर काम करेंगे. यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी केन्या जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति केन्यात्ता के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे. नैरोबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूनिवर्सिटी आफ नैरोबी में छात्रों को संबोधित करेंगे. विकास स्वरूप ने कहा, ”प्रधानमंत्री की अफ्रीका की मुख्य भूमि की यात्रा करने का मकसद हमारे अफ्रीकी सहयोगियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करना और उसमें नई जान फूंकना है.”

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