स्कूल में पढ़ाई नहीं चावल का बोरा ढोने जाते हैं यहां के बच्चे

जशपुर, छत्तीसगढ़/नगर संवाददाताः जशपुर में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और अधिकारी अपनी जेब भरने में लगे हैं बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं तो स्कूल में उन्हें मजदूरी करनी पड़ती है. एक ऐसा ही एक नजारा कांसाबेल ब्लॉक के केवटीन डांड मिडिल स्कूल में देखने को मिला, जहां स्कूली बच्चे 5 किलो मीटर दूर से आकर साइकिल से पचास किलो का चावल का बोरा लाते हैं. मामला जशपुर जिले के सांसद आदर्श ग्राम बटई केला पंचायत का है. जिस हाथ में कलम और किताब होनी चाहिए उन हाथो में साइकिल का हेंडल और चावल ले देखने को मिल रहे हैं. आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले है बच्चे जब स्कूल में पढ़ाई हो रही होती है तब वह चावल का बोरा ढोते रहे होते हैं. हमारी टीम ने जब बच्चे से पूछा तो उसने बताया की उसे और अन्य बच्चों को स्कूल के शिक्षक ने चावल लेने पंचायत भवन भेजा था. वहीं, बच्चों से बेगारी करा रहे शिक्षक से जब हमने बात की तो वह कुछ नहीं बोले और अपनी बाइक से चलता बने. इस मामले में जब हम स्कूल के प्रधान पाठक से मिले तो उनका कहना है की बच्चों को हमने चावल लाने नहीं बोला और न ही भेजा है. बच्चे अपने मन से चावल लेने जाते हैं तो इसमें हम क्या कर सकते हैं.हम बीईओ ऑफिस पहुंचे तो साहब उनके चेम्बर में ताला लटक रहा था मोबाइल पर बात की तो उनका जवाब भी चौंकाने वाला मिला कहने लगे की इसमें कोई बड़ी बात नहीं है स्कूल का काम बच्चे करते हैं तो इसमें हर्ज ही क्या है.

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