माता पिता के कल्याण और वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007’ को किया पास

बेंगलोर, कर्नाटका/जेम्सः कुछ बच्चे अपने माता पिता की जायदाद ये कह कर ले लेते हैं कि वे बुढ़ापे में उनका सहारा बनेंगे, या फिर अपने नाम जायदाद करवा लेते है फिर बुढ़ापे में वे उन्हें न तो खाना देते हैं और दवाइयों के लिए भी मोहताज कर देते है। बहुत से ऐसे उदाहरण देखने को मिलते है हमारे न्याय प्रणाली में जहां न बुजुर्गों के साथ्ज्ञ दुव्र्यवहार किया जाता है। कुछ बुजुर्ग वृद्ध आश्रमों में चले जाते है इस प्रकार किसी भी राज्य का ये कर्तव्य हो जाता है कि वृद्धों की जिंदगी को सुचक रूप से चलाने की दिशा में कार्य करें। सइी के चलते ‘रखरखाव और माता पिता के कल्याण और वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007’ को पास किया गया। इस एक्ट को लागु करने मे ंतीन मीने का वक्त लिया गया जिसमें कोई भी वकील सामने नहीं आया ना ही कोई औलाद जियपे इय कसे चैलेंज किया हो। इसलिए बिल पास कर दिया गया ताकि वृद्ध लोग इसका भुगतान न कर पाएं।

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