एक महिला को गलत खून चढ़ाने के मामले में दो जूनियर डॉक्टर बर्खास्त

नई दिल्ली/नगर संवाददताः स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बृहस्पतिवार को बताया कि डॉ. बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल में एक महिला को गलत खून चढ़ाने के मामले में दो जूनियर डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया गया है तो एक दूसरे मामले में सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारी के वेतन में हेराफेरी करने के मामले में दो डॉक्टर और दो अन्य कर्मियों को निलंबित किया है। सत्येंद्र जैन के अनुसार एक दिन इफ्तार पार्टी से लौट रहे थे। उस दौरान औचक निरीक्षण पर राजा हरीशचंद्र अस्पताल पहुंचे। यहां सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों ने कम वेतन की शिकायत की। जांच में पाया गया कि दो डॉक्टर और दो अन्य अस्पताल कर्मी सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों की छुट्टी दिखाकर वेतन कम देते थे। इस मामले में डॉ. ऋषि आनंद, डॉ. रूपेश कुमार, स्टैटिकल असिस्टेंट वीरेंद्र कुमार, प्रशासनिक अधिकारी राजेश कुमार को निलंबित करके इनके खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत भी दर्ज कराई है। इस मामले में दो कंपनियों को सरकार ने काली सूची में भी डाल दिया है। दूसरे मामले में जैन ने बताया कि डॉ. बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल से एक महिला के परिजनों ने शिकायत की थी, महिला को गलत खून चढ़ाने के बाद तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। 2.5 हेमोग्लोबिन रह गया और खतरनाक स्थिति में आ गई। जांच में यह बात सामने आई कि दूसरे ग्रुप का खून चढ़ा दिया। हालांकि अब महिला की हालत खतरे से बाहर है। इस मामले में दोनो जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। वहीं दिल्ली सरकार ने विकासपुरी में मार्च महीने में रोड रेज के शिकार डॉ. पंकज नारंग की पत्नी डॉ. उपमा नारंग को सिविल असिस्टेंट सर्जन (डेंटल) की नौकरी दी है। डॉ. नारंग की 24 मार्च की रात को विकासपुरी में मामूली कहासुनी के बाद पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बृहस्पतिवार को डॉ. उपमा नारंग को नियुक्ति पत्र सौंपा। सत्येंद्र जैन ने कहा है कि इससे परिवार को मदद मिलेगी। डॉ. पंकज नारंग की मृत्यु के बाद अब परिवार में पत्नी डॉक्टर उपमा नारंग, बेटा आदित्य और मां है। डॉ. पंकज भी दांत के डॉक्टर थे और पत्नी डॉ. उपमा नारंग के के साथ तिलक नगर में क्लीनिक चलाते थे। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है दिल्ली सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर जल्द दस बड़े अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीनें और एमआरआई मशीनें लगाएगी। इसके लिए सरकार ने टेंडर जारी कर दिए हैं। जैन ने बताया कि शुरुआत में 10 सीटी स्कैन और पांच एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी।

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