मोदी कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर लगाई मुहर

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः केंद्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अपनी मुहर लगा दी है. कैबिनेट के इस फैसले से करीन एक करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारकों को फायदा होगा. इसमें 47 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख पेंशनधारक शामिल हैं. दरअसल, वेतन आयोग ने वेतन-भत्तों और पेंशन में औसतन 23.55 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की थी. सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट इस साल एक जनवरी से प्रभावी होगी. वेतन आयोग की सिफारिशें पिछले साल, नवंबर में आ गई थीं.  सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर मुहर का फैसला बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग में लिया गया. इसी साल केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आम बजट पेश करते हुए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें से संबंधित मद के लिए 70,000 करोड़ रूपए रखा था. जनवरी के बाद के बकाये के भुगतान के तौर तरीके पर मंत्रिमंडल ने भी निर्णय दे दिया है, हालांकि, यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है. छठे वेतन आयोग ने 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की. साल 2008 में इसे लागू करते समय सरकार ने दोगुनी बढ़ोतरी कर दी थी. इससे पहले, मंत्रिमंडल सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी. केंद्र सरकार के निर्णय से उसके करीब 47 लाख कर्मचारियों और 52 लाख पेंशनरों को फायदा होगा.

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