दिल्ली मेट्रो में सफर करना होगा महंगा

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः मेट्रो में किराया बढ़ोत्तरी को लेकर रास्ता साफ हो गया है। चौथे किराया निर्धारण समिति (फेयर फिक्शन कमेटी , एफएफसी) का गठन हो गया है। इस समिति के सदस्य दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज एम एल मेहता, दिल्ली के मुख्य सचिव के के शर्मा और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा हैं। समिति ने किराया बढ़ोत्तरी से पूर्व दिल्ली की आम जनता और यात्रियों से सुझाव लेने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि लोगों द्वारा मिले सुझाव को आधार समिति तय करेगी कि कितना किराया में बढ़ोत्तरी की जाए। हालांकि यह तो तय है कि मेट्रो में किराया की बढ़ोत्तरी होनी है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के प्रवक्ता अनुज दयाल के अनुसार मेट्रो रेल (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम 2002 की धारा 33 और 34 के तहत समिति ने किराया बढ़ोत्तरी का फैसला लिया गया है। समिति ने तीन माह का वक्त लिया है। तीन माह बाद रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि मेट्रो का न्यूनतम व अधिकतम किराया कितना होगा।
वहीं, बताया जा रहा है कि इस बार मेट्रो का किराया निर्धारण में यात्रियों को खुले पैसे की झंझट से छुटकारा मिलेगा। इस बार का किराया 10, 15, 20, 25, 30, 40 और 50 के स्लैब में होगा, ताकि यात्रियों को टिकट लेते वक्त खुले पैसे रखने को छुटकारा मिले।  डीएमआरसी ने लोगों से राय लेने के लिए जहां एक ओर मेल आईडी ‘4thffc@dmrc.org’ जारी किया है। इस मेल पर व्यक्ति अपना सुझाव डीएमआरसी को भेज सकता है। वहीं, अधिकतर इंटरचेंज राजीव चौक, कश्मीरी गेट, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर डिसप्ले बोर्ड लगाया है, जहां यात्री किराया बढ़ोत्तरी के संबंध में अपना सुझाव दे सकते हैं।

 

Share This Post

Post Comment