नाबालिग बालक से दुष्कर्म करने वाली महिला को उम्रकैद

रायगढ़, छत्तीसगढ़/नगर संवाददाताः छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने एक नाबालिग बच्चे का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाली महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।अभियोजन पक्ष के अनुसार जिले के खरसिया थाना क्षेत्र कांशीचुआ गांव में एक बालक अपनी बहन के घर पिछले वर्ष आया था,वहीं पास में ही रहने वाली विवाहित भारती सारथी से उसका सम्पर्क हुआ,और यह महिला उसे 06 मई 15 को लेकर जिले में ही धर्मजयगढ़ के दुर्गापुर गांव गई और उसे छिपा दिया। परिजनों ने बालक के गायब होने की प्राथमिकी दर्ज करवाई। उन्हें महिला पर संदेह था, जिसकी जानकारी भी पुलिस को दी। इस महिला के साथ 29 जुलाई को बालक को देखा गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरप्तार कर लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में उसने बालक को अपहृत कर छिपाने एवं उसके साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसे छिपाने वाली जगह ले जाकर बालक को मुक्त भी करवा दिया। पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया जिसे बाद मामला फास्ट ट्रैक अदालत को सौंप दिया गया। फास्ट ट्रैक अदालत के विद्वान न्यायधीश योगेश पारिक ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों,गवाहों के बयान और पावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर महिला भारती सारथी को बालक को अपहृत करने उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी करार दिया। न्यायालय ने महिला को बालकों के संरक्षण अधिनियम (पास्कों एक्ट) के तहत आजीवन कारावास तथा एक हजार रपए जुर्माने की सजा सुनाई। उसे अपहरण एवं बहलाने फुसलाने के आरोपों में भी दोषी करार दिया गया। लगभग एक वर्ष के भीतर अदालत ने इस मामले के सुनवाई पूरी कर सजा सुना दी। राज्य में पास्कों एक्ट के तहत किसी महिला को दुष्कर्म की सजा सुनाए जाने का यह पहला मामला है।

Share This Post

Post Comment