मेगा स्पेक्ट्रम नीलामी को मंजूरी कपड़ा उद्योग को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को श्रम आधारित कपड़ा क्षेत्र में रोजगार सृजन, विनिर्माण और निर्यात को प्रोत्साहन के लिए रियायतों को मंजूरी दे दी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कपड़ा क्षेत्र में विनिर्माण तथा निर्यात को प्रोत्साहन के लिए इन रियायतों को मंजूरी दी है। इसके अलावा प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना (टफ्स) के जरिए पूंजीगत सब्सिडी को जोड़ते हुए उत्पादन प्रोत्साहन भी शुरू किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि कपड़ा और परिधान निर्यात को प्रोत्साहन के लिए श्रम कानूनों के सरलीकरण जैसे कई और उपाय किए गए हैं। इसमें निश्चित अवधि का रोजगार और ड्यूटी ड्राबैक का विस्तार शामिल है। नीलामी के लिए एक जुलाई को जारी की जाएगी सूचनाछह जुलाई को बोली पूर्व आयोजित किया जाएगा सम्मेलन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को बड़े पैमाने पर स्पेक्ट्रम नीलामी योजना को मंजूरी दे दी। इससे सरकारी खजाने में 5.66 लाख करोड़ रपए आने की उम्मीद है। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए।आधिकारिक सूत्र ने बताया कि स्पेक्ट्रम नीलामी प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। सरकार को 2300 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम नीलामी से कम से कम 64,000 करोड़ रपए मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा दूरसंचार क्षेत्र में विभिन्न शुल्कों तथा सेवाओं से 98,995 करोड़ रपए प्राप्त होंगे।सूत्रों ने बताया कि नीलामी के लिए मुख्य दस्तावेज, आवेदन आमंत्रित करने का नोटिस संभवत: एक जुलाई को जारी किया जाएगा। इसके बाद छह जुलाई को बोली पूर्व सम्मेलन होगा। बोलियां एक सितम्बर से लगनी शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, योजना की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। अंतर मंत्रालयी समिति द्वारा मंजूर नियमों के तहत नीलामी में 700 मेगाहट्र्ज का प्रीमियम बैंड भी शामिल रहेगा। इस बैंड के लिए आरक्षित मूल्य 11,485 करोड़ रपए प्रति मेगाहट्र्ज रखा गया है। इस बैंड में सेवा प्रदान करने की लागत अनुमानत: 2100 मेगाहट्र्ज बैंड की तुलना में 70 फीसद कम है, जिसका इस्तेमाल 3जी सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जाता है।स्टार्टअप के लिए सौ अरब का कोष :सरकार ने बुधवार को स्टार्टअप के लिए 10,000 करोड़ रपए के ‘‘कोषों के कोष’ को मंजूरी दे दी। इस कोष का इस्तेमाल स्टार्ट अप की मदद के लिए किया जाएगा। इसका मकसद 18 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस कोष के पूर्ण इस्तेमाल के जरिए करीब 18 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। एक 10,000 करोड़ रपए के कोष से 60,000 करोड़ रपए का इक्विटी निवेश तथा इससे दोगुना ऋण निवेश हासिल किया जा सकेगा।राज्यों के उदय योजना से जुड़ने की समय सीमा बढ़ी:सरकार ने राज्यों के लिए उदय योजना से जुड़ने की समय सीमा बढ़ा दी है। यह योजना ऋण के बोझ से दबी बिजली वितरण कंपनियों के पुनरोद्धार से संबंधित है। इसके अलावा राज्यों के लिए मार्च, 2017 में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में डिस्काम के ऋण के अधिकांश हिस्से के भुगतान के लिए बांड जारी करने की समय सीमा भी बढ़ाई गई है।

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