आधार को जाति, मूल निवास और प्रमाण पत्रों से जोड़ा जाएगा

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः केन्द्र की ओर से अपनी तरह की अनूठी पहल के तहत सभी राज्यों को स्कूली विद्यार्थियों को जारी किए जाने वाले जाति व मूल निवास प्रमाण पत्रों के साथ आधार को संबद्ध करने को कहा गया है। इन राज्यों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जब विद्यार्थी कक्षा पांच या आठ में पढ़ रहे हों, उन्हें 60 दिनों के भीतर इस तरह के प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े विद्यार्थियों को वजीफा देने में विलंब की शिकायतें आती रही हैं जिसके मद्देनजर यह घटनाक्र में काफी मायने रखता है। इसके अलावा, लोग अक्सर जाति प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र लेने में सरकारी अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न की शिकायतें करते हैं। स्कूलों में जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करने पर कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी प्रश्नोत्तरी में कहा गया है, ‘‘ राज्य सरकार विद्यार्थियों के आंकड़े आनलाइन भी उपलब्ध करा सकती हैं। इसे आधार से जोड़ सकती हैं।’ ‘‘आधार संख्या के साथ इन प्रमाण पत्रों को जारी करने के संबंध में गंभीर प्रयास किए जाएं।

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