पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगी पतन्जलि की जन्मस्थली कोंडर

गोंडा, युपी/मयूर रैतानीः विश्व योग दिवस के अवसर पर जहां भारत वर्ष से लेकर विश्व के सैंकड़ों देशों में योग दिवस मनाया गया वहीं योग के प्रणेता महर्षि पतन्जलि की जन्मभूमि आज भी उपेक्षित ही है। योग के जनक महर्षि पतन्जलि की जन्मभूमि को विश्व पटल पर पहचान दिलाने एवं जन्मस्थली क्षेत्र को विकसित करने का वीणा प्रदेश के कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पण्डित सिंह ने उठाया है।
विश्व योग के दिवस के अवसर पर महर्षि पतन्जलि की जन्मस्थली विकासखण्ड वजीरगंज के ग्राम कोंडर पहुंचकर जन्म स्थान पर निर्मित चबूतरे पर प्रदेश के कृषि मंत्री ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होने जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस महापुरूष के नाम से आज पूरा विश्व योग दिवस मना रहा है एवं जिनकी बदौलत विश्व के लाखों लोग स्वास्थ्य लाभ अर्जित कर रहे हैं, आज उन्हीं की जन्मस्थली उपेक्षित है। यह अत्यन्त दुःखद है। उन्होने कहा कि अगर स्वस्थ रहना है तो योग करना है। उन्होने प्राचाीन भारतीय संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए उन्होने कहा कि योग भारत वर्ष की प्रचीनतम संकृति का सबसे अहम हिस्सा है। उन्होने कहा कि योग सभी युगों में प्रासंगिक रहा है और आज के दौर में योग का महत्व और भी बढ़ गया है। अब हर घर हर परिवार, हर व्यक्त् िको स्वस्थ रहने के लिए योग से जुड़ने की आवश्यकता है। उन्होने इस अवसर पर घोषणा करते हुए कहा कि योग केे जनक महर्षि पतन्जलि की जन्मभूमि पर शीघ्र ही एक बड़ी व्यायाम शाला जिला पंचायत द्वारा निर्मित कराई जाएगी। इसके अलावा जन्म स्थान पर महर्षि पतन्जलि की एक सुन्दर प्रतिमा की भी स्थापना की जाएगी। उन्होने कहा कि गोण्डा ऋषियों
मुनियों की जन्मभूिम, कर्मभूमि एवं तपोभूमि है। परन्तु दुखद बात है कि गोनार्द क्षेत्र होने के बावजूद क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में अभी तक पहचान नहीं मिल पाई है। उन्होने कहा कि महर्षि पतन्जलि की जन्मभूमि क्षेत्र को जल्द ही शासन स्तर पर प्रयास करके पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होने कहा कि मन्दिर परिसर व कोन्डर झाील का भी सुन्दरीकरण कराकर पर्यटन योग्य बनाया जाएगा तथा महर्षि की प्रतिमा स्थापित कर भव्य मन्दिर का भी निर्माण कराया जाएगा। इस अवसर पर डा0 स्वामी भगवताचार्य ने महर्षि पतन्जलि की भूिम की प्रमाणिकता व साक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व महर्षि पतन्जलि का जन्म कोंडर ग्राम में हुआ था जिसका प्रमाण हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों, महाभाष्य व पाणिनि के ग्रन्थ सहित अन्य ग्रन्थों में मिलता है। डीएम आशुतोष निरंजन ने इस सम्बन्ध में कमेटी गठित कर एडीएम को नोडल अधिकारी नामित करते हुए साक्ष्यों सहित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिसके आधार पर भारत सरकार, पर्यटन निदेशालय व उत्तर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान अन्तर्राष्ट्रीय सनातन धर्म समिति के अध्यक्ष डा0 स्वामी भगवदाचार्य, पुजारी रमेशदास, अन्तर्राष्ट्रीय सनातन धर्म समिति के सदस्य जानकी शरण द्विवेदी, रवि शंकर द्विवेदी, धर्मेन्द प्रताप सिंह, भोले सिंह सहित ग्रामवासी व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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