आंदोलनकारियों ने फूंकी पेंशन संबंधी शासनादेश की प्रतियां

देहरादून, उत्तराखण्ड़/नगर संवाददाताः उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन से संबंधित शासनादेश की प्रतियां फूंकी डाली। प्रदर्शनकारियों ने शासनादेश को सरकार की सुनियोजित साजिश बताया है। मुख्यमंत्री ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को 3100 रुपये पेंशन देने की घोषणा की थी। इसी क्रम में प्रमुख सचिव डॉ. उमाकांत पंवार ने हस्ताक्षर युक्त शासनादेश जारी किया, जिसके क्रम संख्या-2 में कहा गया है कि उन्हीं आंदोलनकारियों को पेंशन का लाभ दिया जाएगा जो अन्य राजकीय स्रोत से पेंशन नहीं ले रहे होंगे। जबकि, राज्य में कई ऐसे आंदोलनकारी भी हैं जो वर्तमान में समाज कल्याण विभाग की वृद्धा, विकलांग और विधवा पेंशन का लाभ ले रहे हैं। जिसके चलते इन लोगों को पेंशन का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसा शासनादेश लागू कर सरकार राज्य आंदोलनकारियों की भावना से खिलवाड़ कर रही है। प्रदर्शन कर प्रतियां फूंकने वालों में सुरेंद्र कुमार कुकरेती,नमृदा पुंडीर, अंजू सजवाण, अमरा देवी, वीरा चौधरी, राम किशोर यादव, सुदर्शन काला, तरूण असवाल, पूनम रावत, विकास शर्मा, उर्मिला शर्मा, अमजद, जगमोहन सिंह रावत, देवेश्वरी बिड़ालिया, शंभू प्रसाद सेमवाल, रविंद्र रावत, अजय ठाकुर, राम सिंह रावत, जोना सजवाण, गोदावरी ममगाई, सुमन ममगाई, पुष्पा उनियाल, रमेश चंद्र आदि शामिल रहे।

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