श्री आशुतोष महाराज महायोगी का महारहस्य

नई दिल्ली/अरविंद कुमार यावदः सर्व श्री आशुतोष जी महाराज संस्थापक व संचालक दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान जो नकोदर रोड नुरमहल आश्रम जालंधर पंजाब में स्थित है। 28 जनवरी 2014 से गहन समाधि मे लीन है उनका एक मात्र लक्ष्य है विश्व में शांति की स्थापना। इसी महानतम उद्धेश्य के लिए उन्होने गहन समाधि लगाई हुई है। अपने शिष्यों को भी उन्होंने स्पष्ट रूप से ब्रह्मज्ञान की दिक्षा प्रदान करने के बाद कम से कम ढाई घंटे प्रतिदिन बिना किसी रूकावट के नियमित रूप से साधना करते रहने का आदेश प्रदान किया हुआ है। ताकि विश्व में शांति की स्थापना हो सके। स्वयं भी गहन समाधि में लीन होने से पहले वे कम से कम प्रतिदिन तीन तीन घंटे 2 बार साधना नियमित रूप से किया करते थे। मेरा दावा है कि निकट भविष्य में वे अवश्य ही समाधि से वापस आयेंगे इस बात की भविष्यवाणी मैं स्वयं अरविंद कुमार यादव जो कि उनका शिष्य हूं तथा 19 वर्ष तक बिना किसी रूकावट के ढाई घंटे साधना कर चुका हूं, कर रहा हूं कि हमारे गुरूजी सर्वश्री आशुतोषजी महाराज अने महानतम लक्ष्य विश्व शांति की स्थापना अपने महनतम लक्ष्य विश्व शांति की स्थापना को पूरा करके अवश्य ही समाधि से वापस आयेंगे।

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