मथुरा हिंसा में 24 लोगों की मौत को लेकर राजनीति गर्म

मथुरा, युपी/नगर संवाददाताः मथुरा हिंसा में 24 लोगों की मौत को लेकर राजनीति गर्म है. यूपी की अखिलेश सरकार सवालों के घेरे में है. बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव पर हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव को संरक्षण देने का आरोप लगाया है लेकिन शिवपाल ने आरोपों से इनकार किया है. बड़ा सवाल ये है कि ये नौबत आई क्यों? ढाई साल तक सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर सरकार खामोश क्यों रही क्या 24 लोगों की मौत के पीछे अखिलेश सरकार का निकम्मापन है? गुरुवार की शाम दिल्ली से महज डेढ़ सौ किलोमीटर दूर मथुरा में पुलिस पर हुए इस बड़े हमले में 2 पुलिस अधिकारी शहीद हो गए. पुलिस का ऑपरेशन तो खत्म हो गया लेकिन अब इस जमकर राजनीति हो रही है. बीजेपी ने सीधे-सीधे मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव पर उपद्रवियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के आरोपों पर शिवपाल आरोप साबित करने की चुनौती दे रहे हैं. मथुरा में हिंसा को बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने तो सांप्रदायिक रंग भी देने की कोशिश की है. आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसवालों को दिए मुआवजे पर सवाल उठाए हैं. यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. बीएसपी ने सीएम अखिलेश यादव के इस्तीफे तक की मांग की है तो कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं. मथुरा के बवाल पर राजनीति के बाद हकीकत ये है कि पुलिस को इस मुठभेड़ का अंदाजा तक नहीं था. सूत्रों के मुताबिक डीएम और एसएसपी के बीच तालमेल की भी कमी थी. हैरत की बात ये है कि पुलिस जानती थी कि उनके पास हथियार हैं इसके बावजूद पुलिस बिना पूरी तैयारी के मौके पर पहुंच गई. पुलिस अब चाहे जो दलील दे लेकिन सच यही है कि करीब तीन हजार लोग मथुरा में पिछले दो साल से यहां पर अवैध कब्जा करके बैठे थे और पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ था.

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