शहर की सड़कों और गलियों के किनारे खड़े पेड़ विज्ञापन का जरिया

धनबाद, झारखंड/नगर संवाददाताः शहर के पेड़ सूख रहे हैं। खास कर मुख्य सड़क किनारे के पेड़। जबकि, इनकी छांव तले इस भीषण गर्मी में शहर के लाखों लोग और बाहर से आए लोगों ने राहत के दो क्षण बिताए। इन पेड़ों को शुक्रिया कहा। मगर उन्होंने नहीं देखा कि मुख्य सड़क के किनारे के पेड़ ज्यादतियों के शिकार हैं। नहीं देखा कि इनके सीने में विज्ञापन कंपनियों ने कितने खंजर मोटी कीलों के शक्ल में उतार दिए। कीलों से सूख रहे सड़क किनारे के पेड़ हमारे सच्चे मित्र हैं। इनके बगैर हमारा अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। लेकिन हम उनका ही अस्तित्व मिटाने पर तुले हुए हैं। धनबाद में सड़क किनारे लगे पेड़-पौधों पर विज्ञापन की होर्डिंग और बोर्ड टांगने के लिए जिस तरह कीलें ठोंकी गई हैं, उससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। शहर की सड़कों और गलियों के किनारे खड़े पेड़ विज्ञापन का जरिया बन गए हैं। हैरत की बात कि पेड़ों पर विज्ञापन टांगनेवाले कोई जाहिल और नासमझ लोग नहीं हैं। ऐसा करनेवालों में कई शैक्षणिक संस्थान और शहर के नामी-गिरामी डॉक्टर सहित विज्ञापन कंपनी के लोग शामिल हैं।

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