आक्रामक ढंग से सांप्रदायिक एजेंडा लागू करने का आरोप

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः दो साल में मोदी सरकार के प्रदर्शन को फीका बताते हुए वामदलों ने आज इस सरकार पर अपने चुनावी वादे पूरा नहीं करने, आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह से विफल रहने और आक्रामक ढंग से सांप्रदायिक एजेंडा लागू करने का आरोप लगाया. इन पार्टियों ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है और नव उदारवादी आर्थिक नीतियों को लागू करने और आरएसएस के ‘सांप्रदायिक व फांसीवादी एजेंडा’ लागू करने की इस सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए अगले तीन साल के दौरान भी ‘भयावह स्थिति’ बरकरार रहने की संभावना है. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया, ‘‘यदि आप देखें तो एक भी वादा पूरा नहीं किया गया. वास्तव में अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है और सामाजिक तनाव के अलावा लोगों पर बोझ बढ़ रहा है.’’ येचुरी ने इस सरकार पर अपनी पार्टी के आरोप को दोहराया जिसमें ‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण’, भारत को एक ‘हिंदू राष्ट्र’ में तब्दील करना और नव उदारवादी आर्थिक नीतियों को लागू करना व देश के लोकतांत्रिक संस्थानों को कम आंकने का आरोप शामिल है.

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