हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन को सड़क पर गोलियों से भून दिया

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः बिहार के सीवान में बीती रात 8 बजे हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन को सड़क पर गोलियों से भून दिया गया इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. हत्या की वजह का अब तक कोई पता नहीं है. सूत्रों के मुताबिक  इस हत्या के पीछे निजी कारण बताया जा रहा है. एबीपी न्यूज़ से राजदेव के परिवार ने बातचीत में कहा है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए. राजदेव के परिवार को स्थानीय जांच में भरोसा नहीं है क्योंकि इससे पहले जो हत्याएँ हुई थी उसमें अपराधियों का कोई पता नहीं चला. पुलिस इस मामले में राजनीतिक और निजी दोनों एंगल को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है. जिन लोगों पर शक है उनसे पूछताछ हो रही है. इस हत्याकांड के बाद बिहार में सत्तारूढ़ जेडीयू और केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं. बीजेपी कह रही है कि बिहार में अब जंगलराज नहीं बल्कि महाजंगलराज आ गया है. वहीं, बिहार के डिप्टी सीएम ने झारखंड और राजस्थान के कोटा की घटना पर बीजेपी को घेरने की कोशिश की है. वहीं बिहार में नीतीश सरकार के सहयोगी लालू ने भी इस हत्याकांड पर अपना बयान दिया है. लालू नीतीश के जंगलराज पर तो कुछ नहीं बोले लेकिन झारखंड में बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुआ कहा है कि वहां कानून का राज नहीं है. लालू ने कहा, ‘पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूं.’ उन्होंने कहा कि झारखंड में कानून व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है, राज्य में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चतरा में एक पत्रकार की निर्मम हत्या कर दी गयी और प्रशासन अभी तक हत्यारा को गिरफ्तार करने में विफल रहा है. आपको बता दें कि बीती रात बाइक पर सड़क पर ही पत्रकार राजदेव रंजन की बाइक को रोककर बाइकसवार बदमाशों ने सीधे सिर पर गोली मार दी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांस थम गई. घटना के बाद से पत्रकारों में नाराजगी है. बिहार से लगे बीजेपी के शासन वाले झारखंड में भी कल एक न्यूज चैनल के पत्रकार की हत्या कर दी गई. झारखंड में पत्रकार की हत्या के बहाने बिहार की जेडीयू सरकार को भी बीजेपी पर बरसने का मौका मिल गया है. यहां भी पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. झारखंड के चतरा में पत्रकार इंद्रदेव यादव की गोली मारकर हत्या किये जाने के बाद भड़के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया और बाजार बंद करवा दिया. हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार के परिजनों को मुआवजे की मांग के साथ खूब हंगामा किया गया. पत्रकार इंद्रदेव यादव एक न्यूज चैनल से जुड़े थे और बताया जा रहा है कि परसों रात जब वो अपने घर से बाइक पर बस अड्डे की तरफ जा रहे थे तो रास्ते में पहले से घात लगाए बदमाशों ने पंचायत भवन के पास उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. इंद्रदेव की मौके पर ही मौत हो गई. हालांकि लाख कोशिशों के बाद झारखंड पुलिस भी अभी तक इंद्रदेव की हत्या के कारणों का पता नहीं लगा सकी है अलबत्ता दो संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ जरूर की जा रही है.

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