अपहरण के बाद हत्या कर शव को दफनाया

अपहरण के बाद हत्या कर शव को दफनाया

जालोर, राजस्थान/इंद्रसिंह राजपूतः सांचौर में अपरहण तो अब स्टोरी बन गया है। पापा अब में घर कभी नही आऊंगा। कुछ लोगो ने मेरा निर्ममता से गला घोंट दिया है। उन्होंने मुझे गाड़ी में बिठाया तो लगा पापा के जरूर दोस्त होंगे। टॉफ़ी वगेरह दिलवाने ले जा रहे है आगे जाकर मेरे गले को दबाने लगे तो सोचा अंकल दुलार दे रहे है। जब साँस लेना मुश्किल हो गया तो मेने बोला अंकल क्यों मजाक करते हो बहुत दर्द हो रहा है। अचानक असहनीय दर्द शुरू हो गया। तब मुझे पापा, मम्मा, बहना, छोटू की बहुत याद आई। पर अंकल तो माने ही नही और मेरी हत्या कर दी।
पापा कहते थे
पापा सारी। आप बोलते थे मेरा राजा बेटा बड़ा होकर नाम करेगा। पापा अब में वो कुछ नही कर सकता पर हां चिंता मत करना मेरा छोटा भइया है न उसको स्कूल भेजते रहना आपके सपने वो पूरा करेगा। और पापा छोटे भइया की मैंने बॉल चुराई थी वो अपने अंदर की भगवान वाली अलमारी है ना, उसमें तस्वीर के पीछे रखी है दे देना। बहना की रंगोली को मेने कई बार बिगाड़ा तो उनको सॉरी बोलना अब में कभी मस्ती करने नही आऊंगा। पापा आप ऑफिस जाते थे तो में दरवाजे तक आपको छोड़ बाय बोलने आता था अब कभी नही आऊंगा।  बस पापा व मम्मा रोना मत। बस चलता हूँ। हां वो अंकल गाड़ी में कह रहे थे मुझे तेरे पापा से पैसे लेने है। अंकल के घर जाना उनके भी मेरे जैसा लाल है उनसे व अंकल से मिलना जरूर।
उनको पैसो की इतनी जरूरत आखिर क्यों है?
बाय। चलता हूँ लव यू आल, जिन्होंने मुझे अंकल से छुड़वाने की कोशिश की पर अंकल नही माने।

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