फ्रांस की मदद से बनी पनडुब्बी कलवेरी का हुआ ट्रायल

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः समंदर में फ्रांस की मदद से बनी पनडुब्बी कलवेरी का ट्रायल हुआ. मझगांव डॉकयार्ड में गहरे समंदर से पनडुब्बी सतह पर आई. कलवेरी में आगूस्ता वेस्टलैंड की सहयोगी कंपनी को मिसाइल लगानी है. जिसके ठेके पर सवाल उठ रहे हैं. भारतीय नौसेना की नई पनडुब्बी कल ही समुद्री-परीक्षण के लिए मुंबई डॉकयार्ड से बाहर निकली. फ्रांस के सहयोग से बन रही इस पनडुब्बी में फिनमेकेनिका (आगूस्ता-वेस्टलैंड) के टोरपिडो (मिसाइल) लगनी है. कलवरी पनडुब्बियों में इटली की फिनमैकेनिका कंपनी की सिस्टर-कंपनी वॉस को टोरपिडो लगाना का ठेका दिया गया है. लेकिन वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में फिनमैकेनिका की सहयोगी कंपनी ऑगूस्ता वेस्टलैंड के नाम आने और इटली की कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए फैसले के बाद अब सबकी नजरें इस तरफ लगी हुई हैं. अब देखना यह है कि क्या सरकार फिनमैकेनिका कंपनी को स्कोर्पिन-क्लॉस सबमेरिन में टोरपिडो लगाने देती है या नहीं. फ्रांस की मदद से तैयार की जा रही हैं 06 स्कोर्पिन पनडुब्बियों में से कलवेरी पहली है. मज़गांव डॉकयार्ड के तहत चल रहा है पी-75 प्रोजेक्ट जिसके अंतर्गत ये छह डीजल पनडुब्बियों का निमार्ण किया जा रहा है. माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक पूरी तरह नौसेना की जंगी बेड़े में शामिल हो जायेगी

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