दिल्ली में 15 अप्रैल से शुरू हुए ऑड ईवन के दूसरे चरण का आज आखिरी दिन

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः दिल्ली में 15 अप्रैल से शुरू हुए ऑड ईवन के दूसरे चरण का आज आखिरी दिन है. ऐसा दावा किया जा रहा था कि राजधानी में प्रदूषण का स्तर कम होगा लेकिन आंकड़े इसके उलट हैं. स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के मुताबिक दिल्ली में न तो प्रदूषण कम हुआ है और न ही वाहनों की संख्या में कोई बड़ी कमी आई है. ऑड ईवन की कामयाबी के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. चारों तरफ विज्ञापनों की बाढ़ आ गई थी जिस पर बेहिसाब रुपये खर्च किए गए लेकिन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के नतीजे कुछ और ही बता रहे हैं. इस सर्वे ने दिल्ली में ऑड ईवन की कामयाबी के लिए जो आंकड़े पेश किए हैं वो चौंकाने वाले हैं. एसपीए के सर्वे में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में कारो की संख्या में कमी नहीँ आई है. राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक केवल 1 फीसद कम हुआ है. गाड़ियों की स्पीड में 2 से 3 किमी की मामूली बढ़त देखी गई है. निजी कारों पर नियम लागू होने से टैक्सियों की ताताद बढ़ी है. लोगों ने कार पुलिंग की जिससे सड़कों पर कारों की संख्या कम नहीं हुई. वहीं दूसरी तरफ लोगों ने नकली सीएनजी स्टीकर का भी खूब इस्तेमाल किया. इस दौरान पुरानी कारों का भी बहुत इस्तेमाल हुए जिससे प्रदूषण में बढॉत देखी गई. दिल्ली में रोजाना 12 हजार नई गाड़ियां बिक रही है. स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने दिल्ली सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला करार दिया है. एसपीए के कहना है कि दिल्ली में 9 हजार बसों की जगह केवल 3 हजार बसें ही मौजूद रहीं जिसकी वजह लोगों को काफी दिक्कत हुई. स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सबसे ज्यादा हैरान करने वाले आंकड़े ऑड ईवन के दौरान प्रदूषण के बारे में है. एसपीए के मुताबिक प्रदूषण के स्तर में कोई खास गिरावट नहीं आई है

Share This Post

Post Comment