हम लोग पश्चिम बंगाल में कभी टक्कर में नहीं रहे: दिलीप घोष

कोलकाता, पश्चिम बंगाल/नगर संवाददाताः पश्चिम बंगाल प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक समाचार एजेंसी से खात बातचीत में बात कही. घोष ने कहा, “हम लोग पश्चिम बंगाल में कभी टक्कर में नहीं रहे. लेकिन, हम धीरे-धीरे मजबूत हो रहे हैं. इसमें कोई संदेह नहीं कि बीजेपी की चुनाव बाद निर्णायक भूमिका होगी. हम लोग किंग मेकर की भूमिका में होंगे. हमारी सीटों की संख्या दहाई अंकों में पहुंचेगी.” जब उनसे कहा गया कि दहाई अंक का मतलब 10 से 99 तक होता है तो उन्होंने पलट कर कहा, “यह अपने-अपने नजरिए पर निर्भर करता है. आपके लिए यह 10 हो सकता है. हमारे लिए 99 या फिर इससे भी ज्यादा.” बंगाल में पारंपरिक रूप से कमजोर माने जाने वाली बीजेपी को गत लोकसभा चुनाव में दो सीटों के साथ अच्छी सफलता मिली थी और उसका मत प्रतिशत भी बढ़ कर 16.8 हो गया था जो 2009 में महज 6 प्रतिशत था. लोकसभा चुनाव के कुछ महीनों बाद विधानसभा उप चुनाव में भी बीजेपी को एक सीट मिली जो पार्टी को राज्य में 15 सालों के बाद नसीब हुई. लेकिन, इसके बाद बीते साल राज्य में हुए निकाय चुनावों में बीजेपी का बुरा हाल हुआ. पार्टी प्रदेश के एक भी नगरपालिका पर कब्जा नहीं जमा पाई. कोलकाता नगर निगम में उसे सिर्फ 7 सीटें मिलीं. इस पर घोष ने कहा, “मोदी लहर के चलते हमलोग आगे बढ़े थे, लेकिन संगठनात्मक कमियों के चलते बढ़त कायम नहीं रख पाए.” खड़गपुर सदर क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे दिलीप घोष ने कहा, “विगत एक साल से हमलोग जमीनी स्तर पर संगठन बना रहे हैं और राज्य भर में पार्टी को मजबूत कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि लोग अब उन्हें स्वीकार करने लगे हैं. सरकार के गठन में निर्णायक भूमिका निभाने के दावा करने वाले घोष से जब पूछा गया कि क्या वह खंडित जनादेश की स्थिति में तृणमूल या वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन करेंगे? इस पर घोष ने कहा कि ऐसी स्थिति आने पर ही इसका फैसला किया जा सकता है. घोष ने कहा कि इस बार चुनाव में बीजेपी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से नहीं लड़ रही है, बल्कि लड़ाई विकास और बर्बादी के बीच है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस ने अपने-अपने शासनकाल में बंगाल को बर्बाद होने के लिए छोड़ दिया. मोदी-ममता में सांठगांठ के आरोप को खारिज करते हुए घोष ने कहा कि कांग्रेस-वाम मोर्चा और ममता में मिलीभगत है. अगर ऐसा नहीं होता तो राज्यसभा में कांग्रेस बहुमत में होने के बावजूद नारद स्टिंग के मामले को आचार समिति के पास क्यों नहीं भेज रही है? उन्होंने कहा कि लोकसभा में बीजेपी का बहुमत है, इसलिए इस मामले को आचार समिति के पास भेज दिया गया है.

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