मथुरा ब्रिज मंडल में जातिपुरा मुखरविंद पर आज भी हालत बद्तर

मुंबई, महाराष्ट्र/व्रिजेंद्रः मथुरा ब्रिज मंडल में जातिपुरा मुखरविंद पर आज भी हालत बद्तर है। श्री गिरी राज के नाम पर लोकल पंडितों का खुले आम धंधा चल रहा है। आज भी ठेकेदार प्रथा कायम है। इस महीनें ठेका दर 22.50 लाख रूपये रहा है। हालांकि भक्तों की श्रद्धा दिनों दिन बढ़ती जा रही है। और वही सुविधा खास कर मुखरविंद जातिपुरा पंडितों का व्यवसाय भी बढ़ रहा है। इनके रिती रिवाज कुछ ऐसे हैं कि भगवान के चरण में बड़ा सा थाल रख दिया जाता है और उसके दोनों ओर चंदन माला तिलक करके धोती बनियान पहनकर पंडित नेथानी जाती है। इतना काफी नहीं भगवान के आस पास और दो पंडित रहते है। यात्री की क्षमता देख कर जांच की जाती है और हर एक को भगवान का भेंट भी मिलता है। जो यात्री समर्थ है वो भगवान के साथ फोटो भी खिंचवा सकते है। पर जो यात्री आर्थिक तौर पर असमर्थ है या इस प्रथा का विरोधी है उनका तो यहां भगवान भी मदद नहीं कर सकता। इसके मुकाबले पूरी परिक्रमा मार्ग में तीर्थ विकास ट्रस्ट ने बहुत सुविधाएं की है, तो इस मामले में उदासी क्यों? इस सुधार के लिए किसको गुहार लगाई जाए।

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