हाेली रंगी खून से, हत्या हुई सात की

अलीगढ़, यूपी/संजीव सैनीः सौहार्द व भाईचारे के त्योहार होली पर इस बार भी खून बहा। कहीं रंजिश तो कहीं नाचने-गाने व रंग डालने पर हुए विवाद में सात लोगों की जान गई। सड़क हादसों में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। चंडौस क्षेत्र के गांव दौरऊ में दो-तीन सालों से ठाकुर, धोबी व नाई समाज के लोगों में रंजिश चल रही है। इसी रंजिश में दोनों पक्षों में आए दिन तनातनी हो जाती है। गुरुवार को दिन में लोगों ने होली खेली। आरोप है कि शाम करीब सात बजे ठाकुर समाज के कुछ युवक रेलवे क्रॉसिंग वाली गली से गालियां देते हुए निकल रहे थे, जिसका नाई व धोबी समाज के युवकों ने विरोध किया। इसके बाद कुछ ही देर में ठाकुर समाज के लोग लाठी-डंडों व हथियारों से लैस होकर आए। दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने के साथ पथराव होने लगा। कई राउंड गोलियां चलीं। सूचना पर एसओ गभाना मोहम्मद असलम पुलिस के साथ पहुंच गए। एक घंटे बाद चंडौस की पुलिस पहुंची। संघर्ष में धोबी व नाई पक्ष से इंद्रपाल सिंह मनोहर, राहुल, ओमकार, जयकिशोर, सुमित, देव उर्फ फौजी, दूसरे पक्ष से मुकेश व टिंकू घायल हो गए। पुलिस ने सभी जिला अस्पताल भेजा, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए देव उर्फ फौजी (21) पुत्र श्यौदान सिंह की मौत हो गई। सीओ देवेंद्र सिंह, एसपी सिटी अंशुल गुप्ता के अलावा बड़ी मात्रा में पीएसी व पुलिस भी गांव में पहुंच गई। बरौली विधायक दलवीर सिंह ने मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर घायलों का हाल जाना। थाना चंडौस में देव के छोटे भाई राजकुमार ने लाखन सिंह, उसके पुत्र टिंकू, विजयपाल पुत्र कंछी सिंह, गजेंद्र सिंह पुत्र बहोरी सिंह, अनिल उर्फ पप्पी पुत्र रघुराज सिंह, संजय सिंह उर्फ बिंटू पुत्र जयवीर सिंह, दुर्वेश पुत्र निहाल सिंह, मानवेंद्र सिंह पुत्र सुभाष के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। गांव में करीब छह माह पहले भी रक्षाबंधन पर दोनों पक्ष भिड़ गए थे। 2013 में होली के अगले दिन भूपाल नगलिया व दौरऊ के लोगों के बीच हुए संघर्ष में कई लोग घायल हुए थे। तीन ट्रैक्टर, बाइक समेत कई वाहन जला दिए गए थे। आरोपी लाखन सिंह हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। दिल्ली में भाई भारत, धर्मा व राजकुमार के साथ रहकर रंगाई-पुताई करने वाला देव बुधवार को ही होली मनाने आया था। उसकी मौत से पिता श्यौदान सिंह, मां रामवती व अन्य परिजनों का बुरा हाल है।

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