कक्ष निरीक्षक से लेकर केंद्र व्यवस्थापक तक गड़बड़ी में शामिल

फीरोजाबाद,उत्तर प्रदेश/शुभम अग्निहोत्री : जब शिक्षक ही छात्र-छात्राओं को नकल से पास कराने पर उतर आएं तो शासन प्रशासन की सारी कोशिशें विफल होना स्वभाविक है। बोर्ड परीक्षा में जिला विद्यालय निरीक्षक बुधवार को जितने भी परीक्षा केंद्रों पर गए उनमें से अधिकांश में उन्हें कक्ष निरीक्षक से लेकर केंद्र व्यवस्थापक तक गड़बड़ी में शामिल नजर आए। एक कॉलेज में तो शिक्षक ही छात्रा की कॉपी लिखते मिले। परीक्षा केंद्रों पर नकल पकड़ने के लिए डीआइओएस र¨वद्र ¨सह ने बुधवार को नया फार्मूला अपनाया। सुबह की पाली में इंटर अर्थशास्त्र की परीक्षा थी। गांव जमालीपुर पहुंचकर डीआइओएस ने अपना वाहन बलवंत ¨सह इंटर कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र से काफी दूर छोड़ दिया। इसके बाद वह खेतों में होते हुए साढ़े आठ बजे करीब परीक्षा केंद्र पहुंचे और अंदर दाखिल होते ही एक कक्ष में घुसे तो मामला पकड़ में आ गया। जीशान अली नाम के एक शिक्षक एक छात्रा के पास बैठकर उसकी कॉपी पर उत्तर लिख रहे थे। वह डीआइओएस को सामने देख हड़बड़ा गए। डीआइओएस ने तुरंत ही पुलिस बुलाकर शिक्षक को उसके हवाले कर दिया। इसके बाद उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक अशोक कुमार को फटकार लगाई। साथ ही छात्रा को बुक करने और शिक्षक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। यहां से निकलकर डीआइओएस एसडीआर इंटर कॉलेज इंद्रगढ़ पहुंचे। निरीक्षण के दौरान एक कक्ष के दरवाजे बंद देख वह चौंक गए। उन्होंने धक्का देकर दरवाजा खोला तो कक्ष में मौजूद विषय शिक्षक आशीष के होश उड़ गए। डीआइओएस ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस बुला ली, लेकिन जब तक पुलिस आई उससे पहले शिक्षक दीवाल फांदकर भाग खड़ा हुआ। शाम की पाली में नगला गुलाल के वीरभान ¨सह इंटर कॉलेज में डीआइओएस को कक्ष निरीक्षक के रूप में एमएससी पास शिक्षक तैनात मिले। जबकि परीक्षा भौतिक विज्ञान की थी। इसलिए उन दोनों को तत्काल केंद्र के बाहर निकाल दिया। डीआइओएस ने परीक्षा कक्षों को जायजा लिया तो उन्हें खिड़कियों के पास पर्चियां पड़ी मिलीं। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को काफी डांट लगाई। सर्वानंद इंटर कॉलेज नगला पैज में उन्होंने दो नकलची पकड़े। डायट प्राचार्य राघवेंद्र वाजपेयी ने संत ज्ञानेश्वरी, शांति देवी फौरन ¨सह इंटर कॉलेज और पीके इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। बलवंत ¨सह इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक छात्रा की कॉपी लिखने वाले शिक्षक पर अंत तक मेहरबान रहे। उन्होंने डीआइओएस के आदेश भी हवा में उड़ा दिए। दरअसल डीआइओएस ने शिक्षक को पुलिस के सुपुर्द करते समय ही केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिए थे कि वह पौने ग्यारह बजे परीक्षा समाप्त होते ही शिक्षक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए थाना मटसेना में तहरीर दे दें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बल्कि शिक्षक को छुड़ाने के लिए उसके शुभ¨चतकों ने पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इससे परेशान थाना प्रभारी ने दोपहर दो बजे डीआइओएस को स्थिति से अवगत कराया। डीआइओएस ने बताया कि उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक से बात की तो उनका कहना था कि वह शाम को तहरीर देंगे, लेकिन उन्हें तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार ने ज्ञान सरोवर इंटर कॉलेज में निरीक्षण किया। उन्होंने दो कक्षों में छात्राओं की कॉपियों का मिलान किया तो मामला संदेहजनक मिला। दो दो छात्राओं की कॉपियां आपस में मेल खा रही थीं। इस स्थिति पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कक्ष निरीक्षकों से पूछा नकल करा रहे हैं क्या ? उत्तर तो न में मिला, लेकिन वे कॉपियां एक जैसी होने का कारण नहीं बता सके। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि कमरों में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। कक्ष निरीक्षकों से नकल न कराने की पुष्टि के लिए रिकॉर्डिंग दिखाने को कहा तो बताया गया कि कैमरे बंद हैं। इससे साफ है कि कैमरे बंद कर नकल कराई जा रही थी। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है।

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