शहर की बिगड़ती सूरत

शहर की बिगड़ती सूरत

फिरोजाबाद, यूपी/शुभम अग्निहोत्रीः तत्कालीन डीएम के तबादला के साथ ही नगर निगम अधिकारी बेपरवाह हो गए हैं तो कर्मचारी बेलगाम। नतीजा शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है। जगह-जगह गंदगी के ढेर पड़े हुए हैं, मगर कोई उठाने वाला नहीं है। उठाते भी हैं तो दोपहर के बाद। जागरण टीम ने मंगलवार को शहर की सफाई व्यवस्था पर नजर डाली तो कई जगह गंदगी के ढेर पड़े मिले। सुबह 11 बजे नगला करन सिंह विद्यार्थी मेडिकल स्टोर के पास गली की मोड़ पर कूड़े का ढेर लगा हुआ था। यहां की जनता का कहना था कि कूड़ा दोपहर बाद ही उठता है। कभी-कभार तो कोई आता ही नहीं है। इसी तरह सर्विस रोड गर्ग होटल के सामने भी कूड़ा घर बना रखा है। समय करीब 11.30 बजे यहां कूड़ा पड़ा था और यहां से गुजरने वाले राहगीर मुंह पर रूमाल या हाथ रख गुजरने को विवश हो रहे थे। दोपहर एक बजे सुहाग नगर चैराहा जैन नगर कुआं वाली गली के बाहर सर्विस रोड पर कूड़े का ढेर पड़ा हुआ था। वहीं दम्मामल नगर की मोड़ पर कूड़ा दान रखा हुआ था, लेकिन वह पूरी तरह भरा हुआ था। कूड़ादान खाली न किए जाने के चलते सड़क पर ही कूड़ा पड़ा हुआ था। हालात यह हैं कि गली मुहल्ले ही नहीं सर्विस रोड तक गंदगी बिखरी हुई है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बाहरी लोगों की नजरों में शहर की छवि गलत जा रही है। पूर्व डीएम विजय किरन आनंद यूं ही जनता की नजरों में नहीं छाए थे। उनका मुख्य लक्ष्य शहर की जनता को सुविधाएं दिलाना तथा शहर को साफ और स्वच्छ रखना था। नगर निगम अधिकारियों पर उनका पूरा शिकंजा था। वह सुबह सवेरे बाइक पर शहर के भ्रमण को निकलते और लापरवाही पर संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई करते थे। डीएम विजय किरन आनंद के तबादला के साथ ही नगर निगम अधिकारी बेपरवाह हो गए हैं। हाल यह है कि कई बार तो नगर निगम खाली नजर आता है। एक भी जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में नहीं बैठते, जो यहां आने वाली जनता की समस्या को सुन निराकरण करा सके। ऐसे में लोग मायूस होकर ही लौट जाते हैं। इस बेपरवाही के चलते शहर की छवि बिगड़ती जा रही है। वह पूर तरह पटरी से उतर गई है।

Share This Post

Post Comment