नैतिकता के आधार पर अस्तीफ़े की मांग

नैतिकता के आधार पर अस्तीफ़े की मांग

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फरीदकोट, पंजाब/माखन सिंहः भाजपा की जिला प्रधान सुनीता गर्ग ,वरिष्ठ नेता कुलदीप सिंह धालीवाल और पूर्व सेक्रटरी कृष्ण सिंगला के बाद अब भाजपा फरीदकोट के जिला मीडिया कनवीनर दीपक गर्ग और भाजपा नेता धर्मपाल तनेजा ने भी नगर कौंसिल अध्यक्ष मोहन सिंह मत्ता से नैतिकता के आधार पर अस्तीफ़े की मांग कर डाली है। इन नेताओं ने तो पंजाब के उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल को सुझाव भी दे डाला है कि नगर कौंसिल कोटकपूरा की बागडोर अब भाजपा के हाथों में दे देनी चाहिए। भाजपा फरीदकोट के जिला मीडिया कनवीनर दीपक गर्ग कोटकपूरा के उसी वार्ड नंबर दो के निवासी हैं जिस वार्ड से मोहन सिंह मत्ता पहली बार पार्षद और इसके बाद कांग्रेस की मदद से नगर कौंसिल अध्यक्ष बने थे। गर्ग का कहना है कि मोहन सिंह मत्ता को शहर की समस्याओं के समाधान के लिए 16 वर्षों से भी अधिक समय मिला है फिर भी यह शहर की हालत सुधारने में विफल रहे हैं। सुखबीर सिंह बादल को भी समझ लेना चाहिए कि पहले तो मता ने अपना अध्यक्ष पद बचाने के लिए शिअद का दामन थाम लिया था बाद में वार्ड नंबर के निवासियों के सवालों से बचने के लिए अपना निवास ही बदल लिया ऐसे में मत्ता से शहर के विकास के लिए  ईमानदार प्रयासों की अपेक्षा ही कैसे की जा सकती है। दीपक गर्ग के साथ मौजूद भाजपा नेता धर्मपाल तनेजा ने भी नगर कौंसिल अध्यक्ष की बागडोर भाजपा के हाथों में सौंपने की वकालत की है तनेजा के अनुसार उन्हें इस शहर में रहते दो वर्ष का ही समय हुआ है. लेकिन शहर में विकास की गति न के बराबर है आज मैंने शहर का दौरा करने पर पाया कि सफाई सेवकों को उनका वेतन दिलाने में असफल रहे मोहन सिंह मत्ता के कारन नगर कोंसिल दफ्तर तो गंदगी का डिपो बन ही गया है पुरे शहर में भी जगह जगह गंदगी फैली हुई है। सड़के टूटी पड़ी हैं। मोहन सिंह मत्ता के कार्यकाल में ही भाजपा के सेक्रटरी कृष्ण सिंगला  तथा  अन्य निर्दोष शहरीओं पर नगर कौंसिल ने झूठा मामला दर्ज करवाया जिसकी मत्ता ने जरा भी परवाह नहीं की। मत्ता के कारण बीजेपी को भी पब्लिक को जवाबदेह होना पड़ रहा है। पब्लिक सवाल कर रही है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर सफाई सेवकों की अनदेखी का आरोप लगाने वाली भाजपा खुद  कोटकपूरा के सफाई सेवको के बारे में क्या सोचती है। तनेजा का कहना है कि सफाई सेवकों के वेतन से पहले अपने चहेते पार्षदों के वार्डों के  विकास कार्य को प्राथमिकता देने के पीछे नगर कौंसिल अध्यक्ष का कोई बहुत बड़ा स्वार्थ छुपा है

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