दस रूपये के लिए ड्राइवर की हत्या

दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल/सत्य नारायणः कूचबिहार काॅलेज के बगल मे जमाई बाजार इलाका के राजीव पांडिया नाम का एक ई-रिक्शा ड्राइवर तीन दिन से लापता था। 19 तारीख मंगलवार को राजीव पांडिया का लाश कूचबिहार राजबारी के निकट एक तालाब से मिला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार आदमी ई-रिक्शा में सवार होकर कूचबिहार रेलवे स्टेशन जा रहे थे। किराया 40 रूपया था, सवारी दस रूपया कम दे रहे थे ड्राइवर ने पूरा भाड़ा मांगा लेकिन वो लोग देने से इंकार कर रहे थे। दोनों गुटों में झगड़ा हो हुआ। फिर हाथापाई हुई बात इतनी बढ़ गई कि सवारियों ने मफलर से ड्राइवर का गला घोट कर हत्या कर दिया। लाश को गुम करने के लिए तालाब में फेंक के लाश के ऊपर घास और मट्टी देकर ढक दिया। उन लोगों ने ई-रिक्शा को भी कहीं छुपा दिया और उसका मोबाइल एक औरत को कुछ पैसों में बेच दिया। एक विशेष पुलिस सूत्र के अनुसार चारों आसामी टोटोंन डे, मुन्ना हुसैन, राजू अली सोफिजुल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। वो बेचा हुआ मोबाइल ही पुलिस के काम आया उन चारों आसामियों का पकड़ने में मदद किया। उनकी माता जी चंदा पांडिया और उनकी बीबी अंकिता पांडिया का कहना है कि राजीव जी के कमाई से ही उनका घर चलता था। और उनकी माताजी की मांग है असामियों को बड़ी से बड़ी सजा मिलना चाहिए। कूचबिहार के एडिसोनाल पुलिस सुपर देबरशि दत्ता का कहना है कि उस मोबाइल के जरिए से उस औरत को पकड़ा गया, और उस औरत के जरिये उन आरोपियों को पकड़ा गया और राजीव पांडिया का लास पुलिस ने कूचबिहार राजबारी के निकट एक तालाब से तीन दिन बाद मिला।

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